संवाददाता: असलम अंसारी
बघौचघाट देवरिया– थाना क्षेत्र बघौचघाट के अंतर्गत ग्राम सखनी नाथ बाबा के पास प्रत्येक साल के भाति इस साल भी महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मेला आयोजन किया गया जिसमे गांव और क्षेत्रों के सभी लोगो का भरपूर सहयोग किया
महाशिवरात्रि हिन्दु धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ।
पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग के उदय से हुआ। और इसी दिन भगवान शिव का विवाह भी देवी पार्वती के साथ हुआ था।
साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है| कश्मीर शैव मत में इस त्यौहार को हर-रात्रि और बोलचाल में ‘हेराथ’ या ‘हेरथ’ भी कहा जाता हैं।
क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि|
दरअसल महाशिवरात्रि मनाए जाने को लेकर कई प्रकार की मान्यताएं प्रचलित हैं. शिवरात्रि मनाने को लेकर तीन मान्यताएं सर्वाधिक महत्वपुर्ण हैं
एक पौराणिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही शिव जी पहली बार प्रकट हुए थे. मान्यता है कि शिव जी अग्नि ज्योतिलिंग के रूप में प्रकट हु थे, जिसका न आदि था और न ही अंत!
कहते हैं कि इस शिवलिंग के बारे में जानने के लिए सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने हंस का रूप धारण किया और उसके ऊपरी भाग तक जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
वहीं सृष्टि के पालनहार विष्णु ने भी वराह रूप धारण कर उस शिवलिंग का आधार ढूंढना शुरू किया लेकिन वो भी असफल रहे.
एक अन्य पौराणिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही विभन्नि 64 जगहों पर शिवलिंग उत्पन्न हुए थे. हालांकि 64 में से केवल 12 ज्योतिर्लिंगों के बारे में जानकारी उपलब्ध है इन्हें 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम से जाना जाता है.
बघौचघाट पुलिस भी मेले मे आये सभी जनता की देखरेख मे भरपूर सहयोग किये मेले मे लगभग दस हजार लोग पहुंचे थे और श्रद्धालुओ को लाईन मे लगा कर मंदिर का दर्शन पुजा पाठ किये|
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